उत्पत्ति और आस्था का केंद्र
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित गढ़ा गाँव मात्र एक स्थान नहीं, बल्कि करोड़ों की आस्था का महातीर्थ बन गया है। बालाजी के आशीर्वाद और सन्यासी बाबा की कृपा से यहाँ एक नई आध्यात्मिक चेतना का उदय हुआ।
Discover the divine origin and the visionary behind the masterpiece.
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित गढ़ा गाँव मात्र एक स्थान नहीं, बल्कि करोड़ों की आस्था का महातीर्थ बन गया है। बालाजी के आशीर्वाद और सन्यासी बाबा की कृपा से यहाँ एक नई आध्यात्मिक चेतना का उदय हुआ।
अभावों और संघर्षों के बीच पले-बढ़े एक साधारण युवा ने कैसे सन्यासी बाबा के आदेशों का पालन किया और खुद को पूर्णतः समाज, धर्म और बालाजी के चरणों में समर्पित कर दिया, यह इस पुस्तक का मर्म है।
बिना पूछे लोगों के मन की बात जान लेना और उनकी समस्याओं का आध्यात्मिक-वैज्ञानिक समाधान प्रस्तुत करना। यह केवल चमत्कार नहीं, बल्कि उच्च कोटि की ध्यान साधना और गुरु-कृपा का साक्षात प्रमाण है।
आज बागेश्वर धाम केवल समस्याओं का समाधान केंद्र नहीं, बल्कि घर-वापसी, गौ-सेवा, निर्धन कन्या विवाह और सनातन धर्म को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। 'रक्षक' इसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दस्तावेज है।
पुस्तक के सभी मुख्य अंशों और विषयों पर एक संक्षिप्त नज़र डालें।
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